लोगो से कह दो हमारी तकदीर से जलना छोड़ दे। हम घर से दवा नही ‘माँ की दुआ’ लेकर निकलते है।
हम भी दरिया है, हमे अपना हुनर मालूम हे। जिस तरफ भी चल पडेंगे, रास्ता हो जायेगा।
मेरी आँखों में वो नशा है..जो सामने वाले को उलझन में डाल देता है॥
'हुनर' सड़कों पर तमाशा करता है और 'किस्मत' महलों में राज करती है!!
मैंने महसूस किया है उस जलते हुए रावण का दुःख जो सामने खड़ी भीड़ से बारबार पूछ रहा था.. तुम में से कोई राम है क्या?
लिखने का बहुत शौक हैं मुझे… लेकिन आज तक एग्जाम शीट पूरी नहीं भरी, जाबी तो कहता हूँ शौक बड़ी चीज़ हैं पान विलास नही
तेरी मोहब्बत मैं
और मेरी फितरत मैं
फर्क इतना है की….
तेरा Attitude नही जाता
और मुझे झुकना नहीं आता…
हुकुमत वो ही करता है जिसका दिलो पर राज हो...!! वरना यूँ तो गली के मुर्गो के सर पे भी ताज होता है...!!
खोने की दहशत और पाने की चाहत न होती, तो ना ख़ुदा होता कोई और न इबादत होती .
जरूरत और चाहत में बहुत फ़र्क है... कमबख्त़ इसमे तालमेल बिठाते बिठाते ज़िन्दगी गुज़र जाती है !!!!




